बहादराबाद प्रतिवर्ष सावन के महीने में गोगा जाहरवीर की पूजा अर्चना यात्रा होती है लेकिन कोरोना काल के चलते पिछले लगभग 2 वर्षीय यात्रा नहीं हो पाई थी लेकिन इस वर्ष भारी संख्या में लोग अपनी पूजा-अर्चना यात्रा कर रहे हैं जिसमें लगभग क्षेत्र के सभी गांव में भारी संख्या में ग्रामीण एवं भक्त शामिल हो रहे हैं इसी तरह रोहालकी किशनपुर , बोंगला, बहादराबाद, अलीपुर आदि गांवों में भी हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर पूजा अर्चना भंडारा कर गोगामेडी की पवित्र यात्रा पर जाने वाले भक्तों को विदाई देकर यात्रा के लिए शुभकामनाएं दी ।
हरिद्वार सावन माह में गोगा जाहरवीर महाराज की पूजा-अर्चना शुरू हो गई हैं। इसके लिए जिन लोगों द्वारा अपने शुभ कार्य संपन्न होने पर गोगा जाहरवीर बागड की जात बोली जाती हैं, उसे पूरा किया जाता हैं। ढोल-नगाड़ों के साथ प्याज और चने का प्रसाद चढ़ाया जाता हैं तथा भगवान गोगा जाहरवीर महाराज की पूजा होती हैं। इसी कड़ी में रोहालकी, बोंगला, बहादराबाद, अलीपुर आदि गांवों में एक भक्तो द्वारा अपनी मन्नत पूरी होने पर बागड़ यात्रा शुरू की गई। इसके लिए भक्त अपने आस-पास के क्षेत्रों/गावों में नंगे पांव घूमकर परिक्रमा की जाती हैं और प्रसाद वितरण होता हैं। पिछले दो वर्षों में कोरोना काल के कारण सभी धार्मिक कार्य बंद थे, उनमें यह यात्रा भी बंद की गई थी। जो अब सुचारू हो गई हैं। इस यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरूष भाग लेकर बाबा गोगा जाहरवीर का प्रसाद ग्रहण करते हैं, जो व्यक्ति सच्चे मन से श्रद्धापूर्वक गोगा जाहरवीर की पूजा-अर्चना करता हैं, उसके सभी दुःख दूर होते हैं। ऐसी मान्यता मानी जाती है







